Madan Gopal Agarwal
11 साल 3 महीने पहले
भौतिकता के कारण गंगा को जबसे हमने नदी समझ लिया परेशानी भी तभी से शुरु हुई है। वास्तव गंगा एक सभ्यता है, संस्कृति है, धर्म है, और मां है। जब हम यह सब भूल गये तो गंगा को नाले में बदलना शुरु कर दिया। पहले कानून का डर नहीं था डर था धार्मिक होने के कारण पाप और पुण्य का, वरना कानून तो आज पहले से ज्यादा हैं और सख्त भी हैं, लेकिन क्यों फिर भी गंगा रोज अधिक मैली और प्रदूषित होती जा रही है?
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