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पर्यावरणीय अनुकूल टिकाऊ भविष्य का निर्माण- LiFE के लिए विचार व सुझाव आमंत्रित

Inviting Global Ideas & Suggestions For LiFE - Building an Environmentally Sustainable Future
आरंभ करने की तिथि :
Jun 15, 2022
अंतिम तिथि :
Jul 31, 2022
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी है। माननीय पीएम नरेन्द्र ...

भारत सतत विकास और स्वच्छ ऊर्जा में अग्रणी है। माननीय पीएम नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सुधार-उन्मुख, पर्यावरण अनुकूल नीतियों के जरिए देश ने कई मौकों पर साबित किया कि सुदृढ़ पर्यावरण नीतियां एक मजबूत अर्थव्यवस्था का मार्ग प्रशस्त कर सकती हैं।

2021 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन COP26 में, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 'LiFE' का विज़न प्रस्तुत किया, जो जलवायु के अनुकूल व्यक्तिगत व्यवहार में परिवर्तन लाने से जुड़ा एक मिशन है। 'प्रो प्लैनेट पीपल' आंदोलन के का उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली अपनाने के प्रयासों को मजबूत करना है।

LiFE पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली के साथ 'यूज-एंड-थ्रो' की मानसिकता में बदलाव लाएगा। मिशन का उद्देश्य 'प्रो-प्लैनेट पीपल' (पी 3) का एक वैश्विक समुदाय बनाना है, जो अपनी साझा प्रतिबद्धता के साथ पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को अपनाएगा और बढ़ावा देगा।

जलवायु प्रतिबद्धता के लिए व्यक्तिगत प्रयास महत्वपूर्ण

भारत का पारंपरिक ज्ञान जलवायु परिवर्तन से निपटने की मुहिम को एक मजबूत नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता रखता है। कई अन्य जन आंदोलनों की तरह, LiFE का उद्देश्य 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के अनुकूल सबको जलवायु कार्रवाई के लिए प्रेरित करना है।

MyGov आपको पर्यावरण के अनुकूल एक जागरूक जीवन शैली अपनाने से संबंधित अपने विचार और सुझाव शेयर करने के लिए आमंत्रित करता है।

• बर्बादी कम करना
• पुनः प्रयोग
• रीसाइकिल
• नवीकरणीय
• रिकवर
• री- डिजाइन
• री-मैन्युफैक्चर

उपर्युक्त के लिए कुछ उदाहरण हैं:
बर्बादी कम करना - बिजली, ईंधन का उपयोग
पुन: उपयोग - पुराने कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, निर्माण सामग्री, फर्नीचर
रीसाइकिल - प्लास्टिक, समाचार पत्र, दफ़्ती, बक्से
नवीकरणीय - सौर, पवन, हाइड्रो, ज्वारीय, भूतापीय और बायोमास
रिकवर - जंगलों, नदियों, मिट्टी, पहाड़ों, वन्य जीवन
रीडिज़ाइन - ग्रीन इमारतों
री-मैन्युफैक्चर - नए उद्देश्यों के लिए ई-अपशिष्ट

हमारे सभ्यतागत मूल्यों ने हमें प्रकृति के साथ सद्भाव के साथ रहने का महत्व बाताय है। आइए, आज हम अपने पर्यावरण की रक्षा के लिए एक साथ आएं और मिशन LiFE - पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली को अपनाएं।

फिर से कायम कर देना
2859 सबमिशन दिखा रहा है
Ashokkumarchotia
Ashokkumarchotia 3 साल 11 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, भारत में हर गांव शहर में गोचर भूमि/सरकारी भूमि होती है मगर आजकल उस पर कब्जा सबकी मिली भगत से होने लगा है, इसका उपाय है कि आप बिजली व पानी विभाग को यह नोटिफिकेशन जारी करे कि जब तक पटवारी से फिजिकल noc नहीं मिले तब तक कनेक्शन नहीं दे। और अगर पटवारी गलत सूचना देता है तो पटवारी पर कठोर कार्यवाही करी जाय।
V Navin Mitiran
V Navin Mitiran 3 साल 11 महीने पहले
Hon'ble Prime Minister Of India. My Humble Thoughts With You. 1). As Token of Appreciation Commemorating me Patriotically With the Recognition as Platinum Change Maker for Maximum Prototypes Design Models Submission Request to Honor me with Platinum Medals, Badges, Cash Prizes, Cash Incentives, MoU's, Project in R& D & A ,Certifications in approptiate Sagaciousness and Appreciations. Anticipate at the Earliest.
J Sunil Kumar
J Sunil Kumar 3 साल 11 महीने पहले
Respected PM JI, 2 sub. 1)# Heartily Thanks from bottom of my heart 💓 today I reached Goal of Mygov.in as a #Change Maker i hear thanking entire team giving a great opportunity & taking my valuable Ideas & I Here i actively participated till now i thank mygov app entire team who is giving like this opportunity to participate in this program & last but not least i am thankful to each & everyone participant who liked my comments & given comments on my IDEAS here & Encouraged me Thanks you once again to all of you who supported me Directly & Indirectly thanks a lot to #Change Maker Badge issued me from Mygov.inThanks 2)#Reduce You Pls bring a policy of Water proof Bags to schools students it can save notebooks from rainwater etc, & It saves time of rewriting of same wet notes etc., & it reduces of buying new note books again for same purpose. Live ex: one student came to me & i asked him you are coming from school & no due to books wet he had writing notes whole day so Tq.
Ramesh Kumar HUF
Ramesh Kumar HUF 3 साल 11 महीने पहले
एक सुझाव: जैविक खेती-सह-गोवंश पालन इकाई: बिना किसी रासायनिक उर्वरक के अनाज/चारे/फल/सब्जी/मशाले/औषधीय फसल खेती की जाय। साथ में चारे का उपयोग कर गोवंश पालन पोषण की जाय जिसका उत्पाद दूध होगा और सह-उत्पाद बाछा /बाछी जो आगे चल कर बैल/सांढ़/गाय के रुप में मिलेगा। गोबर से जैविक खाद मिलेगा जो रासायनिक उर्वरकों का स्थान लेगा। बैल कुछेक कृषि उपकरण चला सकेंगे जबकि अतिरिक्त समय में बैल-चालित जेन-सेट सै ग्रीन इनर्जी बनाकर पावर-ग्रीड को प्रेषित कर सकेंगे। गोवंश मरने पर परम्परानुसार अनेक विधि उपयोगी होंगे।