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बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण

Large Scale Digitization
आरंभ करने की तिथि :
May 01, 2015
अंतिम तिथि :
May 27, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

भारत सरकार ने क्राउड सोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न प्रकार के भौतिक ...

भारत सरकार ने क्राउड सोर्सिंग के माध्यम से विभिन्न प्रकार के भौतिक रिकॉर्डों को डिजिटाइज़ करने के लिए एक मंच का प्रस्ताव दिया है। इस मंच की जरूरत को टाला नही जा सकता। अगर रिकॉर्डों के लेनदेन का भौतिक रुप से होना जारी है, तो हम डिजिटल इंडिया और भारत को एक सूचना समाज में बदलने की बात नहीं कर सकते। डिजिटल लेनदेन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए, भौतिक लेनदेन के माध्यम से उत्पन्न सभी परम्परिक डेटा और भौतिक डेटा को डिजिटाइज़ करने की आवश्यकता है।

भौतिक रिकॉर्ड को मशीन-पठनीय रूप से डिजिटल रुप में परिवर्तित करने के लिए, डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल लॉकर, या ई-क्रांति के तहत क्षेत्र विशेष अनुप्रयोगों को अनिवार्य रुप से आवश्यक गणना संचालन के लिए प्रयोग किया जा सकता है। भौतिक रिकॉर्ड द्वारा डिजिटलीकरण के माध्यम से उन्मुक्त डेटा सक्रिय प्रशासन और सूचित निर्णय करने के लिए अनुसंधान, भविष्यसूचक, मात्रात्मक और गुणात्मक विश्लेषण में सक्षम हो जाएगा। जिससे ई- सरकार अनुप्रयोगों को सिस्टम ऑफ रिकॉर्ड्स से सिस्टम ऑफ इन्गेजमैन्ट में बदलने में मदद मिलेगी।

भौतिक रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण एक गैर-मामूली कार्य है। भारतीय आईटी उद्योग ने मेडिकल ट्रांसक्रिप्शन और बीमा रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के माध्यम से कई अरब डॉलर का व्यापार किया था। यह मॉडल परिपक्व और बड़े पैमाने पर डिजिटलीकरण के लिए समाधान प्रदान करता है। लेकिन समस्या यह है कि इस तरह के डिजिटलीकरण की लागत बहुत अधिक है तथा बजट की कमी है इसके अलावा सरकार और कई अन्य संगठन इस तरह के अतिव्ययी डिजिटलीकरण के प्रयास को अनुमति नहीं देते हैं। जिसके परिणाम स्वरुप, हमने देश में भौतिक रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए बहुत अधिक प्रयास नहीं देखा है। सार्वजनिक क्षेत्र में साझा करने के रिकॉर्ड की गोपनीयता और सुरक्षा के मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार किए जाने की जरूरत है।

सरकार के पास खुद बड़ी संख्या में भौतिक रिकॉर्ड मौजूद है जिसका डिजिटलीकरण किया जा सकता है तथा जिसके माध्यम से डेटा पर विश्लेषिकी, रिकॉर्ड और निर्णय लेने की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। इनमें कुछ ऐसे सार्वजनिक रिकॉर्ड शामिल हैं जिनका डिजिटलीकरण के प्रयास से लाभ उठाया जा सकता हैं: भू-अभिलेख, नगर निगम के रिकॉर्ड, जन्म और मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड, सरकारी कर्मचारियों के सेवा रिकॉर्ड आदि।

कई गैर-सरकारी संगठन इस तरह के डिजिटलीकरण के प्रयास से लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, बीमा कंपनी अपने बीमा रिकॉर्ड का प्रबंधन कर सकती हैं, दूरसंचार कंपनियाँ अपने ग्राहकों की पहचान से संबंधित दस्तावेजों के डिजिटलीकरण से लाखों डॉलर की बचत कर सकती हैं।

प्रस्तावित मंच के माध्यम से एक अभिनव उद्यम सामग्री प्रबंधन फ्रेमवर्क और टूल का निर्माण होगा, यह समाधान एक यूनिक संचालन के मॉडल का समर्थन करता है जिसमें भौतिक रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए क्राउड सोर्सिंग का उपयोग किया जाता है। यह मंच दस्तावेज़ों की गोपनीयता और व्यक्तिगतता सुनिश्चित करता है साथ ही ग्राहकों को उनके द्वारा प्रतिलिपि किए गए प्रत्येक शब्द के लिए पुरस्कार भी देता है। यह मंच बिना पर्यवेक्षक के मूल दस्तावेज का डिजीटल दस्तावेज से तुलना करता है तथा डिजिटलीकरण की सटीकता सुनिश्चित करने के लिए एक नया और जटिल एल्गोरिथ्म का उपयोग करता है। प्रस्तावित मंच, हमारे साक्षर ग्रामीण और शहरी नागरिकों के लिए कमाई और आय सृजन के अवसर पैदा करेगा, डिजिटल साक्षरता विकसित करेगा और आईटी कौशल विकसित करेगा साथ ही उन्हें डिजिटल इंडिया के निर्माण में शामिल होने का अवसर भी प्रदान करेगा।

क्लाउड सक्षम मंच कई उपकरणों के माध्यम से उपलब्ध होगा जिसकी निम्नलिखित विशेषताएं होगीं-

i. यह सभी प्रकार के दस्तावेजों, इरिस्पेक्टिव ऑफ मीडिया, प्रारूप और भाषा के प्रतिलेखन के लिए लागू होगा। दस्तावेजों को मानव पठनीय इमेज प्रारूप में परिवर्तित करने की आवश्यकता होगी।

ii. कोई भी उपयोगकर्ता सदस्य बन सकता है और शब्द/अक्षर के ट्रैन्स्क्राइब द्वारा अंकन करना शुरु कर सकता है। ये शब्द/अक्षर प्रतिदेय नकद पुरस्कार में परिवर्तित होगा।

iii. कोई भी संगठन/सरकारी विभाग प्रतिलेखन के लिए अपने दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

iv. दस्तावेज़ को स्कैन, लिखित और टेम्पलेट प्रारुप में प्रतिलिपित किया जाना चाहिए। टेम्पलेट के आधार पर, दस्तावेज़ की सामग्री के छोटे हिस्से को शब्दों या वाक्यांशों में विभाजित कर सकते है।

v. इसके बाद प्रत्येक भाग को अंकीयकरण के लिए मंच के दो बेतरतीब ढंग से चुने गए सदस्यों को भेजा जाता है।

vi. प्रत्येक सदस्य जो वह टाइप करता है उसका एक शब्द/वाक्यांश प्राप्त करता है। इस शब्द या वाक्यांश को किसी अन्य सदस्य (बेतरतीब ढंग से चुने गए) के साथ साझा किया जाता है। शब्द/वाक्यांश के दो डिजीटल संस्करण की मशीन से तुलना की जाती हैं। अगर वे मेल खाते हैं, तो डिजिटलीकरण सफल रहा है। यदि नहीं, तो इसे तीसरे व्यक्ति को भेजा जाता है और उनके डिजिटलीकरण के आधार पर आकलन किया जाता है।

vii. सदस्य सफल डिजिटलीकरण के लिए पुरस्कृत होगें। असफल डिजिटलीकरण के लिए कोई पुरस्कार नहीं है।

viii. क्राउड सोर्सिंग मोड के माध्यम से आवश्यक डिजिटलीकरण की सीमा से अधिक होने पर ओसीआर का इस्तेमाल किया जाएगा।

ix. मोबाइल आधारित आवेदन उपलब्ध होगा जिससे सदस्य शब्द टाइप कर सकते हैं।

इस पोर्टल को सरकार के मानकों के अनुसार तथा पूर्ण सुरक्षा सुविधाओं के साथ कई सरकारी एजेंसियों के समर्थन के लिए क्लाउड पर तैनात किया जाएगा। इस पोर्टल को ओपन मानक प्रौद्योगिकी का उपयोग करके विकसित किया गया है। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की पहचान की रक्षा करने और उचित सत्यापन के माध्यम से सटीकता सुनिश्चित करने के लिए इस पूरे पहल को अच्छी तरह से निर्मित किया गया है। इस पहल में हर कोई भाग ले सकता है, यह सुनिश्चित करने के लिए पोर्टल को कई प्रारुपों, कई उपकरणों के लिए सुलभ और बहुभाषी रुप में उपलब्ध कराया जाएगा।
हमें न केवल डिजिटलीकरण ड्राइव में आपकी सक्रिय भागीदारी की आशा है, बल्कि इस पहल से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान में भी आपकी सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है। हम इस मंच को समृद्ध और अधिक उपयोगी बनाने में भाग लेने के लिए सभी नागरिकों को आमंत्रित करते हैं।
एक बेहतर भविष्य के लिए इस पहल में योगदान दें। आपकी राय मायने रखती है।

आप निम्नलिखित विषयों पर अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित हैं:

1. इस मंच को क्या कहा जाएगा? इसका नाम क्या होगा? प्रतीक चिन्ह का सुझाव दे।

2. आपके अनुसार तत्काल डिजिटलीकरण की आवश्यकता वाले विभिन्न दस्तावेजों के प्रकार क्या हैं और डिजिटलीकरण द्वारा कब अधिकतम मूल्य उत्पन्न होगा? कृपया सार्वजनिक क्षेत्र और निजी दोनों क्षेत्र से संबंधित दस्तावेजों पर सुझाव दे?

3. इस पहल से संबंधित व्यावसायिक मॉडल के विभिन्न प्रकारो के लिए आपके सुझाव क्या हैं जिन्हें क्राउड सोर्सिंग के लिए स्थापित किया जा सकता है (कागज पर आधारित मॉडल, सदस्यता आधारित मॉडल)?

4. रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के अलावा, आप कौन सी अन्य सेवाओं के बारे में सोचते हैं? क्या क्राउड सोर्सिंग भी इनमें शामिल हो सकती है?

5. गोपनीयता और सुरक्षा से संबंधित मुद्दा क्या हैं?

6. इस मंच की संभावित कमजोरियाँ क्या हैं? और इनमें कैसे सुधार किया जा सकता है?

7. इस पहल से जुड़ने में आपके अनुसार संभावित जोखिम क्या हैं?

8. इस मंच से बड़े पैमाने पर नागरिकों को जोड़ने के लिए कैसे लोकप्रिय बनाया जा सकता है?

9. आपके अनुसार सदस्यों को अधिक उत्पादक और जुड़ने में किस प्रकार की सहायता से मदद मिलेगी?

10. क्या कौशल विकास, भाषा शिक्षण, मनोरंजन आदि के क्षेत्रों में मूल्य प्रदान करने के लिए गतिशीलता, गेमीफिकेशन, विश्लेषिकी, जैसी अन्य सुविधाओं को मंच पर सक्रिय किया जा सकता है?

प्रतिभागियों द्वारा अपने विचारों को साझा करने की अंतिम तिथि 26 मई 2015 है।

फिर से कायम कर देना
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Dipak Kumar Jha_1
Dipak Kumar Jha_1 11 साल 2 महीने पहले
education total transformation of modern India on Vedic thoughts be done. All engineering,medical,law,commerce,administration,management should be started in local languages,hindi,english,foreign languages as per the job need in the global/local market. Indian Olympics game,Indian nobel prizes,Indian registration for patent,Indian globalised banking, indian globalised hospitals in yoga,ayurved,and other alternative medicine should be started. Indian global education as per global need be started
Dipak Kumar Jha_1
Dipak Kumar Jha_1 11 साल 2 महीने पहले
finger/ face /eyelid mark. that identity should be used till their stay or citizenship granted. All purchase of goods and services should be cumpolsorily through electronic account. 24 hour battery charged electronic transaction machine may be a mobile or any other machine should be provided to all citigens and traveller without cost by the govern ment. Transaction charges be levied by that machine by the government. Transaction tax be levied by the government after roti,kapada,makaan,health and
Dipak Kumar Jha_1
Dipak Kumar Jha_1 11 साल 2 महीने पहले
That unique identity should be used only I stress only no other means should be allowed in all transaction whether in public private or goverment . For school admission, hospital treatment for transport of train,bus,car,aeroplane,rikshaw,autos,any other purchase of goods and services. Immediate bank account should be opened after the birth of the child and should be closed after the death of the child/young/old etc. Any foreign traveller should must be issued temporary identity card with all
Dipak Kumar Jha_1
Dipak Kumar Jha_1 11 साल 2 महीने पहले
Large Scale digitisation can be ensured with finance personnel and technical department of government corporal wing setting. Only transactions with electronic card with card reader should be allowed. All the 130 crore people(about) should have an unique identification as Adhar card or similar valid cards as accepted in train reservation or school admission or any hospital birth/home birth card hospital/death/home death card.The persons so identified should have a unique identity in govt. web.
Shaurya Gupta
Shaurya Gupta 11 साल 2 महीने पहले
I recently purchased a flat in NCR. On the basis of my personal experience and a few known ones I reached the conclusion that the process is extremely full of risks of purchasing an already sold land. Even a LLB lawyer could confidently deal with the land dealers & land builders & the registry office personnel. To avoid all the risk and the resultant litigations which result simple solution would be digitization of the land built and available for sale records.
Varun Vijayvargiya
Varun Vijayvargiya 11 साल 2 महीने पहले
All RTO's , Local Bodies , Development authorities in india should get their records digitized as these are very important institutions for the common man on day to day basis. And this will save a lot of tree's in return also the various approval process and overall functioning will become fast and efficient.
Kunal Vij
Kunal Vij 11 साल 2 महीने पहले
hello, i am Kunal Vij from New Delhi. I am a student. I got to know about an NGO AKSHAYA PATRA. This NGO is already very popular. This NGO provide fully nutritional food to school children. They try provide clean and healthy diet on time to as many school as they can.They take help of every technology to prepare this MAHABHOG. They even inspiring other NGOs and share technology with them so that many school get the benefit of it. I just want that this NGO should get complete support of govt.
Prejit Radhakrishna
Prejit Radhakrishna 11 साल 2 महीने पहले
The new India Identity card should be used as a valid id proof of self which can be linked with all other schemes & do all the activities that has to be done through ration card, pan card, election card, aadhar card. Each Indian don't requires tons of cards but a proper valid authentic card which is valid throughout India for Government as well as non-government offices. This will get rid of many certificates required from Government offices, thus reduces corruption of all Babu's.
Prejit Radhakrishna
Prejit Radhakrishna 11 साल 2 महीने पहले
First of all whether all the cards like ration card, pan card, aadhar card, election card etc can be replaced with one India Identity card. This should have all the bio-metric data included in the chips, apart from the other details like date oo birth, place of birth, fathers name, mother's name, & all other family details, including the license etc.