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शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक (एनपीएसटी) के मसौदे पर सुझाव आमंत्रित

आरंभ करने की तिथि :
Dec 08, 2021
अंतिम तिथि :
Dec 17, 2021
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
एनईपी 2020 में की गई सिफारिशों के अनुसार, यह सुनिश्चित करने के लिए ...
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SATYA PRAKASH TRIPATHI
4 साल 7 महीने पहले
अति प्रयोगों और ट्रेनिंग का परिणाम शून्य ही आ रहा है।
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Pushpa Devi
4 साल 7 महीने पहले
अध्यापकों को नियमित रूप से आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रशिक्षण द्वारा समय की मांग को पूरा करने में सक्षम बनाना व शिक्षण प्रशिक्षण के लिए व्यवसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ करने की आवश्यकता है।
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ABHAY KUMAR
4 साल 7 महीने पहले
This is the only field where IAS can be of some real use. IAS study hard and making standards for teachers can be assigned to them but again only in their respective subjects. Please remember IAS are jack of very few and master on not even a single so the diligent use of them can reap some fruits but too much dependence on them will kill the purpose because we can get good aptitude in them but most of them have horrible attitude
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Ram Kumar
4 साल 7 महीने पहले
We are Works Activities And Learning Important +919550247734
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Zoyal
4 साल 7 महीने पहले
शिक्षा प्रणाली कमियों को सूधारने की आवश्क है। क्योंकि बच्चे अब विदेश जाकर पढ रहे है। इसका कारण केन्द्र सरकार जाँच रहे तो वास्तिकता मिलेंगे
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Swetha Kannan
4 साल 7 महीने पहले
3. Teachers training can be given regularly. Per yearly etc. General trainings, self or personal development training can he given I think.
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Pramod Ranjan Dwivedi
4 साल 7 महीने पहले
महोदय शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए कुछ कठोर कदम उठाने की जरुरत है आप खुद विचार कर सकते है कि आखिर पहली से बारहवीं तक कोई भी सरकारी नौकरी वाले यहा तक की शिक्षक भी अपने बच्चो को सरकारी मे पढा़ना नही चाहते क्या कारण है और बारहवीं के बाद सरकारी विश्वविद्यालय मे पढा़ना चाहते है और गरीब मध्यम वर्ग जो सरकारी स्कुल मे बारहवीं करता है विश्वविद्यालय मे पढ़ने के समय छोटे मान्यता प्राप्त काँलेज मे जाने पर विवश हो जाता है क्या पैसे वाले जब चाहे जहा चाहे अपने बच्चो को पढाये और बाकी भटकते रहे यही इंसाफ है
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Pramod Ranjan Dwivedi
4 साल 7 महीने पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी किसी भी देश के नागरिकों के उन्नती के लिए प्रगती के लिए शिक्षा का बहुत महत्व है सभी राज्यो की बात तो नही कह सकते लेकिन अपने अनुभव के आधार पर यह जरुर कह सकते की शिक्षा की स्थिति बहुत खराब है सरकारी शिक्षक बनना सभी चाहते लेकिन अपने बच्चो को सरकारी स्कुलों मे पढा़ना कोई भी नही चाहता आखिर क्यो जबकी टेट सिटेट पास बिएड पास अधिकांश शिक्षक बन चुके है जो टेट नही पास किए है वह निजी विद्यालय मे पढा़ते है रोजगार के ख्याल से फिर भी सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अपने बच्चो को क्यो नही पढाते
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Suresh Ahir
4 साल 7 महीने पहले
राष्ट्रीय व्यावसायिक मानक मसौदे पर मेरा विचार
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Pravina Ahir
4 साल 7 महीने पहले
time and education should be parallel. Immediately full fill the empty seat of teacher so students do not suffer about study gape issue and do extra class for weak students with school timing
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