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महात्मा गाँधी जी को श्रद्धांजलि

Remembering the Mahatma
आरंभ करने की तिथि :
Sep 13, 2014
अंतिम तिथि :
Sep 19, 2014
18:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

2 अक्टूबर वह दिन है जब हम बदलाव लाने के बारे में विचार करें कुछ ऐसा ...

2 अक्टूबर वह दिन है जब हम बदलाव लाने के बारे में विचार करें कुछ ऐसा करें जो आज तक कभी किसी ने नहीं किया हो। महात्मा गांधी के सामाजिक परिवर्तन लाने के दृढ संकल्प का वर्णन महाकवि रबीन्द्रनाथ टैगोर ने “एकला चलो रे” के माध्यम से किया। देश में स्वास्थ्य के क्षेत्र में इसी प्रकार की पहल की ज़रुरत है। 2 अक्टूबर 1994 को दिल्ली के स्कूली बच्चों ने पोलियो को समाप्त करने के लिए शपथ ली थी जो इस महत्वपूर्ण उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में उठाया गया पहला कदम था। आज उस छोटी सी पहल का ही परिणाम है कि भारत पोलियो जैसी बीमारी से मुक्त हो पाया है। इस 2 अक्टूबर को आपकी रचनात्मकता का प्रयोग इस संदेश को सभी तक पहुँचाने के लिए किया जा सकता है।

मेरी सरकार और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय आपको महान व्यक्ति एवं राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एक मंच प्रदान करता है।

गांधी जयंती के अवसर पर ई-शुभकामना संदेश बनाने के लिए आयोजित की गई प्रतियोगिता का हिस्सा बनकर उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट करें।

आप अपनी प्रविष्टियाँ 19 सितम्बर 2014 को रात 12 बजे तक भेज सकते हैं।

विजेता प्रविष्टियों को निम्नलिखित पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा:

10 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को रु 10,000/- का नकद पुरस्कार

विजेता प्रविष्टि को अतिरिक्त रु 10,000/- का नकद पुरस्कार

नियम व शर्ते

1. प्रविष्टि पोर्ट्रेट लेआउट में 10x12 सेमी के आकार की होनी चाहिए। किसी भी अन्य आकार और लेआउट में भेजी गई प्रविष्टि मान्य नहीं होगी।

2. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय 10 सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को रु 10,000/- के नकद पुरस्कार से सम्मानित करेगी और एमओएचएफडब्ल्यू के लिए अंतिम ई-शुभकामना सन्देश के रूप में चुनी जाने वाली विजेता प्रविष्टि, जिसका निर्धारण माननीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री द्वारा किया जाएगा, को अतिरिक्त रु 10,000/- के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

3. भेजी गई प्रविष्टि आपका मूल कार्य होना चाहिए। मूल कार्य न होने की स्थिति में प्रविष्टि पर विचार नहीं किया जाएगा और उन प्रतिभागियों को भविष्य की किसी भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होगी।

4. अस्वीकृति: प्रविष्टियों की मौलिकता की जांच के लिए जांच समिति द्वारा हर संभव प्रयास किया जाएगा। हालाँकि प्रतिलिपि के रूप में पहचानी गई किसी भी प्रविष्टि के लिए मेरी सरकार और ई-शुभकामना संदेश पोर्टल जवाबदेह नहीं होंगे।

कार्य के मॉडरेटर:

सीमा खन्ना
ई-मेल: seema@gov.in

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
1340
कुल
1144
स्वीकृत
196
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
1144 सबमिशन दिखा रहा है
Soumik Bhattacharjee
Soumik Bhattacharjee 11 साल 10 महीने पहले
The e-greetings says about the Gandhiji's one of the greatest thought - Non-Violence created through his popular spectacle. The shadows of the spectacle is two sunflower which symbolises Non-violence and shadow direction is opposite to the shadow of non-volence shown as text in the image . opposite direction of shadow also depicts no co-operation of violence and non-violence.