Bhargava Chandola
11 years 11 months ago
आई.टी.आई. और पोलिटेक्निक संस्थानों में जो कोर्स करवाए जाते हैं उन्हें करने के बाद 95% युवाओं को रोजगार हेतु बढ़े शहरों में पलायन करना पढ़ता है, इन संस्थानों में क्षेत्रीय भोगोलिक परिस्थति, उत्पादन, और उद्योग को मद्देनजर कोर्स (पाठ्यक्रम) चलाये जाएँ जिससे युवा अपना कोर्स पूरा करने के उपरांत स्थानीय स्तर पर रोजगार शुरू कर सके या रोजगार प्राप्त कर सके तभी पलायन रुकेगा और इन संस्थानों की उपयोगिता का लाभ भारत के लोग ले सकेंगे...
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